कहाँ जा रहा है देश !!!


“कहाँ जा रहा है देश !!!”
by– विनीत तोमर

पैसा कमाने की लगी है हर तरफ रेस,
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

लोग हमेशा भुखमरी और ग़रीबी सहते हैं,
फिर भी नेताजी सिर्फ़ "नो कॉमेंट्स" कहते हैं,
हर जगह है भ्रस्टाचार और हर तरफ है द्वेष...
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

आलू ने मार डाला टमाटर ने खाई कमाई,
हर किसी को मार रही है ये महँगाई,
ना बचा कोई इससे चाहे हो राजा या राजेश...
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

सीमा पर खड़े हैं जवान, उनका ना किसी को होश है,
घर में डर के बैठे हैं और कहते हैं हम में जोश है,
अपने ही काट रहे हैं देश की जड़ों को बदलकर भेष...
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

नेताओं का एक ही काम रह गया है के अपना घर भर लो,
और कुछ होता नहीं, झूठ बोलकर, बहला फुसलाकर जनता को वश में कर लो,
खुद बैठे हैं 5-star और A.C. में, ओर ग़रीबों को नहीं मिलता सर्दी में भी खेश...
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

पेट्रोल और डीजल का दाम हर महीने बढ़ जाता है,
और गर्मियों में पारा 50 डिग्री तक चढ़ जाता है,
पर्यावरण का किसी को ध्यान नहीं, अब ज़्यादा “ULTRA VIOLET” कर रही हैं प्रवेश,
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

आजकल जिसे देखो वेस्टर्न कल्चर भाता हैं,
लड़का कौन है और लड़की कौन ये तक समझ नहीं आता है,
लड़कियों के कपड़े सिकुड़ते जा रहे, लड़कों के होते लंबे केश...
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

माना पढ़ाई मे तरक्की हुई है पर उसका फ़ायदा भी ओर ही उठाते हैं,
पढ़े लिखे भारत में ओर दूसरे देश में चले जाते हैं,
टॅलेंट होता है हमारा और फ़ायदा उठाता है विदेश...
कहाँ जा रहा है देश...
कहाँ जा रहा है देश...

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